
मुंबई। पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल की चल रही जांच में एक बड़े घटनाक्रम के तहत महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पुणे पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार को पूरे शहर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कोंढवा, खड़क, खड़की, वानवाड़ी और भोसरी इलाकों में 19 संदिग्धों के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापे मारे गए। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई और पुणे की एटीएस टीमों ने इन स्थानों से डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज़ और संचार उपकरण बरामद किए हैं। कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, हालांकि अब तक किसी नई गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह पूरा अभियान सी.आर. संख्या 7/2023 के अंतर्गत चल रही जांच से संबंधित था, जिसमें पहले से गिरफ्तार आरोपियों पर आईएसआईएस स्लीपर मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप है। इस मॉड्यूल से जुड़े प्रमुख आरोपी मोहम्मद इमरान खान को इस वर्ष मई में इंडोनेशिया से भारत लौटते समय मुंबई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो साल की तलाश के बाद उसे पकड़ा। बाद में 4 जून 2025 को महाराष्ट्र एटीएस ने खान को आर्थर रोड जेल से हिरासत में लिया, जहाँ वह पहले से ही सतारा साड़ी शोरूम डकैती (8 अप्रैल 2023) के मामले में बंद था। खान पर आरोप है कि उसने इस डकैती से प्राप्त धन (लगभग 1 लाख रुपए) और हथियारों की खरीद में मदद की, जो बाद में आईएसआईएस से जुड़ी गतिविधियों के वित्तपोषण में प्रयुक्त हुए। वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाला चौथा आरोपी था। एटीएस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान खान ने कई अहम खुलासे किए, जिनके आधार पर गुरुवार को यह व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। जिन लोगों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई, वे सभी खान के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ ने उसके फरारी के दौरान संपर्क बनाए रखा था और कट्टरपंथ फैलाने व लॉजिस्टिक सहायता देने में भूमिका निभाई थी। एनआईए और एटीएस की जांच से यह भी सामने आया कि खान और उसके सहयोगी फैयाज शेख ने अप्रैल 2022 में पुणे के कोंढवा इलाके में एक गुप्त आईईडी वर्कशॉप आयोजित की थी। यहाँ आईएसआईएस मॉड्यूल के सदस्यों ने कथित रूप से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाए और उनका परीक्षण किया। इस सत्र में जुल्फिकार बड़ौदावाला, मोहम्मद यूनुस साकी, अब्दुल कादिर पठान, सिमाब काजी, शमील नाचन, आकिफ नाचन और शाहनवाज आलम जैसे कई नाम शामिल थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क भर्ती, कट्टरपंथ और विस्फोटक निर्माण की एक बड़ी साजिश के तहत कार्य कर रहा था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। 2023 में पुणे पुलिस द्वारा कोथरूड क्षेत्र से बाइक चोरी के मामले में दो संदिग्धों को पकड़े जाने के बाद यह मॉड्यूल उजागर हुआ। तलाशी के दौरान उनके पास से आईएसआईएस लिंक से जुड़े सबूत मिले, जिसके बाद केस एटीएस और फिर एनआईए को सौंपा गया।
2022 में मॉड्यूल के ध्वस्त होने के बाद खान और फैयाज शेख भूमिगत हो गए और अपने परिवारों के साथ ओमान चले गए। वहाँ से उन्हें भारत लौटने या निर्वासन का सामना करने का आदेश मिला, जिसके बाद वे ईरान भाग गए। 8 दिसंबर 2024 को ईरान में हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पाँच महीने तक पूछताछ के बाद रिहा किया गया। इसके बाद वे इंडोनेशिया पहुँचे, लेकिन वहाँ प्रवेश से मना कर दिया गया। अंततः मई 2025 में भारत लौटने की कोशिश करते समय खान को मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि खान और उसके नेटवर्क की जाँच अब भी जारी है। जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और संचार डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।




