Monday, January 12, 2026
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महाराष्ट्र बनेगा जहाज निर्माण और समुद्री परिवहन का केंद्र: नितेश राणे

मुंबई। महाराष्ट्र में जहाज निर्माण और बंदरगाह क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं और राज्य ने इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए देश की पहली जहाज निर्माण नीति तैयार की है। मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने कहा कि निवेशकों को इस नीति का लाभ उठाकर राज्य के जहाज निर्माण उद्योग के विकास में योगदान देना चाहिए। वे ताज सांताक्रूज़ में आयोजित तीसरे विश्व बंदरगाह और नौवहन सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर परिवहन और बंदरगाह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय सेठी, बेल्जियम के वाणिज्य दूत फ्रैंक गिरकेंस, नॉर्वे की वाणिज्य दूत मोनिका नागेलागार्ड और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राणे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समुद्री क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा के बीच महाराष्ट्र ने जहाज निर्माण और बंदरगाह विकास में देश का नेतृत्व करने की दिशा तय कर ली है। निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार पर्यावरणीय अनुमति प्रक्रिया को सरल बना रही है, जिसके लिए एमसीजेडई समिति के माध्यम से आसानी से परमिट मिलेंगे। उद्योग-अनुकूल नीति और बेहतर सुविधाओं के कारण महाराष्ट्र को अन्य राज्यों पर बढ़त मिलेगी। मंत्री राणे ने बताया कि महाराष्ट्र में विश्वस्तरीय जलमार्ग विकसित किए जाएँगे और जल परिवहन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत मुंबई में वाटर मेट्रो शुरू की जाएगी, जिससे यातायात का दबाव कम होगा। मुंबई और कोंकण क्षेत्र को जल परिवहन से जोड़ा जाएगा और रो-रो सेवाएँ शुरू करने की योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि जहाज निर्माण उद्योग में महाराष्ट्र देश का नेतृत्व कर सकता है और सरकार निवेशकों को शुल्क संरचना सहित सभी मामलों में सहयोग देगी। बंदरगाह एवं जहाजरानी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय सेठी ने अपने संबोधन में कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। महाराष्ट्र के छोटे बंदरगाहों से बड़ी मात्रा में माल का परिवहन हो रहा है, जिससे निवेश के अपार अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य क्लस्टर विकास मॉडल पर काम करते हुए विस्तार परियोजनाओं में निवेश कर रहा है। सम्मेलन के माध्यम से महाराष्ट्र ने समुद्री विकास को ठोस दिशा दी है और उद्योग-अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढाँचे और केंद्र व राज्य सरकारों के सहयोग से भविष्य में जहाज निर्माण और समुद्री परिवहन का एक अहम केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

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