
पालघर। पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बुधवार को वसई-विरार क्षेत्र में 1 लाख बांस के पौधे लगाने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की गई। इस बांस वितरण एवं रोपण कार्यक्रम का शुभारंभ वन मंत्री गणेश नाइक ने किया। इस पहल के तहत 87.54 हेक्टेयर भूमि पर बांस के पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें शहर के 244 आदिवासी परिवारों को आवंटित वन भूमि भी शामिल है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना और आदिवासी किसानों को आय का एक स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना है। वसई-विरार नगर निगम ने अपने कोष से 1 लाख बांस के पौधे उपलब्ध कराए हैं। पौधों के वितरण एवं रोपण कार्यक्रम का आयोजन विरार स्थित महावीर धाम चैरिटेबल ट्रस्ट सभागार में किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त (वृक्ष प्राधिकरण) स्वाति देशपांडे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उन आदिवासी परिवारों को पौधे वितरित करने से हुई, जिन्हें वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत भूमि प्राप्त हुई है। स्वीकृत दावेदारों में शामिल 244 आदिवासी परिवारों को खेती हेतु प्रति हेक्टेयर 600 पौधे दिए गए। यह परियोजना न केवल पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करेगी बल्कि स्थानीय किसानों के लिए आजीविका का नया मार्ग भी प्रशस्त करेगी।




