
संस्थापक डॉ. एस. के. वर्मा ने मरीजों व उनके परिजनों को दी महत्वपूर्ण जानकारी
डॉ अंशुमान अग्निहोत्री
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। कमलावती रिसर्च एंड वेलफेयर फाउंडेशन के बैनर तले विश्व अंग दान दिवस के अवसर पर कमलावती हॉस्पिटल, आवास विकास कॉलोनी, उन्नाव में जन-जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. एस. के. वर्मा ने मरीजों के सहायकों व परिजनों को अंगदान के महत्व और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. वर्मा ने बताया कि विश्व अंग दान दिवस हर वर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को अंगदान के महत्व से अवगत कराना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। यह दिन उन दानदाताओं के सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने अपने जीवनकाल या मृत्यु के बाद अंगदान कर दूसरों को नया जीवन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंगदान का अर्थ है — कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपने अंग किसी जरूरतमंद को प्रत्यारोपण के लिए प्रदान करे। यह दान जीवित व्यक्ति भी कर सकता है और मृत्यु के बाद भी, परिजनों की सहमति से। हृदय, किडनी, नेत्र आदि अंग दान किए जा सकते हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि हर वर्ष लाखों लोग अंग विफलता के कारण समय से पहले अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि एक व्यक्ति का अंगदान आठ लोगों की जान बचा सकता है। कई सामाजिक संगठन इस पुनीत कार्य में सक्रिय हैं और उन्नाव में कमलावती रिसर्च एंड वेलफेयर फाउंडेशन भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि जो लोग स्वेच्छा से अंगदान करना चाहते हैं, वे कमलावती हॉस्पिटल में निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं।




