
सोलापुर। सोलापुर ज़िले के सांगोला तालुका स्थित गाइगावन गांव में एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नौ महीने की गर्भवती महिला रुक्मिणी सूरज टाकले (21 वर्ष) ने सोमवार, 21 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह हादसा दोपहर 3 बजे के करीब उस वक्त हुआ जब रुक्मिणी अपने बेडरूम में अकेली थी और परिवार के लोग घर के अन्य हिस्सों में मौजूद थे। रुक्मिणी की हाल ही में 17 मार्च 2024 को सूरज सीताराम टाकले से शादी हुई थी, और वह अपने पहले बच्चे के आगमन को लेकर उत्साहित थी। उसकी डिलीवरी की संभावित तारीख 29 अप्रैल 2025 बताई गई है। लेकिन इस सबके बीच उसकी अचानक खुदकुशी ने पूरे परिवार और गांव को सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने बताया कि रुक्मिणी दिनभर सामान्य लग रही थी, लेकिन जब रात के खाने के समय उसे बुलाया गया और कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो सभी घबरा गए। कमरा अंदर से बंद था। उसके देवर स्वप्निल टाकले ने खिड़की तोड़कर जैसे ही भीतर झांका, तो छत की लोहे की बीम से लाल पगड़ी के सहारे लटकी रुक्मिणी की लाश देखकर सभी के होश उड़ गए।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें लिखा था- मुझे माफ़ कर देना, मेरे अंदर कोई अच्छाई नहीं है। यह एक अत्यंत भावुक और आत्मग्लानि से भरा संदेश था, जिसने परिवार की पीड़ा को और भी गहरा कर दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है। सांगोला ग्रामीण अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद सोमवार रात शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बयान दिया है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई मानसिक या घरेलू दबाव जिम्मेदार था। रुक्मिणी की मौत ने पूरे गाइगावन गांव को गहरे दुख और स्तब्धता में डुबो दिया है। एक नवविवाहित महिला, जो जल्द मां बनने वाली थी, उसका यूं अचानक दुनिया छोड़ देना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस अब परिवार के बयानों, रिश्तों और रुक्मिणी के मानसिक हालात की जांच कर रही है।




