
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला, बोस्टन में उनके हालिया बयान को लेकर। फडणवीस ने राहुल गांधी पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की छवि को बदनाम करने का आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा- यह बहुत दुखद है कि राहुल गांधी विदेश जाकर इस देश के संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं के बारे में झूठ फैलाते हैं और उन्हें बदनाम करते हैं। वह लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं। यह उनकी चुनावी हार की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के बयानों से राहुल गांधी न तो अपना नेतृत्व साबित कर सकते हैं और न ही चुनाव जीत सकते हैं।
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
अमेरिका के बोस्टन में एक प्रवासी भारतीय कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत का चुनाव आयोग समझौता कर चुका है और चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हैं। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में शाम 5:30 बजे तक जो मतदान का आंकड़ा था, वह अचानक 7:30 बजे तक 65 लाख बढ़ गया। यह शारीरिक रूप से असंभव है। कुल मतदाताओं की संख्या से ज्यादा लोगों ने मतदान किया।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा-जब कांग्रेस जीतती है तो चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन जब हारती है तो वह गलत हो जाता है। इस तरह के बेतुके बयान देना और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत है। मौर्य ने कहा कि यह रवैया देश के लोकतंत्र और माहौल दोनों के लिए खतरनाक है। राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें एक ओर सरकार के वरिष्ठ नेता उनकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस समर्थक इस बयान को “सिस्टम की कमियों को उजागर करने की हिम्मत” बता रहे हैं।




