
पुणे। पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने स्वर्गेट डिपो में युवती के साथ हुए कथित बलात्कार के मामले में 893 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दायर किया है। इस आरोप पत्र में शिरूर के गुनात गांव निवासी 37 वर्षीय दत्तात्रेय रामदास गाडे को मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप पत्र गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वी.ए. मकंदर की अदालत में पेश किया गया। घटना के 52 दिनों के भीतर यह चार्जशीट दायर कर दी गई, जिसमें कुल 82 गवाहों के बयान शामिल हैं। इनमें से पांच गवाहों के बयान पहले ही अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। यह मामला 25 फरवरी की तड़के पुणे के स्वर्गेट डिपो में खड़ी एक शिवशाही बस के भीतर एक युवती से दो बार हुए कथित बलात्कार से जुड़ा है। आरोपी गाडे पर बस के अंदर ही वारदात को अंजाम देने का आरोप है। आरोप पत्र में 12 पंचनामों के सबूत, डिजिटल डेटा और अन्य अहम दस्तावेजी प्रमाण शामिल हैं। गाडे पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार), धारा 64(2)(एम) (बार-बार बलात्कार), धारा 351(2) (धमकी देना), धारा 115(2) (जानबूझकर नुकसान पहुंचाना) और धारा 127(2) (गैरकानूनी कारावास) के तहत आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद उत्पन्न जन आक्रोश के चलते पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी थी। आरोपी वारदात के बाद अपने पैतृक गांव भाग गया था, लेकिन ड्रोन निगरानी, खोजी कुत्तों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे गुनात के एक खेत से गिरफ्तार कर लिया गया। गाडे को पहले 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया और फिलहाल वह यरवदा सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में है। मामले की जांच अपराध शाखा के अधिकारी शैलेश सांखे के नेतृत्व में की गई।




