
मुंबई। मुंबई में नशीले पदार्थों की तस्करी पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और सीमा शुल्क विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में भारी मात्रा में कोकीन बरामद की है। इन मामलों में एक गिनी की महिला और एक युगांडा का पुरुष यात्री गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों ही मामले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के संकेत दे रहे हैं और जांच एजेंसियां अब इस तस्करी के पीछे के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
गिनी की महिला के पास से 21.78 करोड़ रूपए रुपये की कोकीन बरामद
डीआरआई की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर नैरोबी (केन्या) से मुंबई पहुंची एक महिला यात्री को रोका। चेक-इन बैगेज की तलाशी के दौरान उसमें से तीन पैकेट सफेद पाउडर बरामद हुए, जिनका परीक्षण एनडीपीएस फील्ड टेस्ट किट से किया गया। परीक्षण में वह पदार्थ कोकीन निकला। बरामद कोकीन का कुल वजन 2,178 ग्राम है और इसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 21.78 करोड़ रूपए आंका गया है। डीआरआई अधिकारियों ने महिला को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि महिला ने यह कोकीन कहां से प्राप्त की और मुंबई में इसे किसे सौंपा जाना था।
युगांडा के व्यक्ति ने निगले थे 77 कोकीन भरे कैप्सूल
इसी तरह, मुंबई एयरपोर्ट के सीमा शुल्क अधिकारियों ने रविवार को एक युगांडा के नागरिक को गिरफ्तार किया, जो कैप्सूल निगलकर कोकीन की तस्करी कर रहा था। संदेह होने पर यात्री को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ 77 कोकीन युक्त कैप्सूल मेडिकल निगरानी में बरामद किए गए। इन कैप्सूल्स का कुल वजन 785 ग्राम निकला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग ₹7.85 करोड़ बताई गई है। यात्री को भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और खेप की अंतिम डिलीवरी किसे करनी थी। इन दोनों गिरफ्तारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ड्रग्स तस्करों के लिए एक सक्रिय मार्ग बना हुआ है। अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों के ज़रिए बड़े स्तर पर कोकीन की तस्करी की जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह काम कर रहा है, जिसकी जांच अब तेज़ कर दी गई है। इन कार्रवाइयों के ज़रिए सुरक्षा एजेंसियों ने न सिर्फ भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाज़ार में पहुंचने से रोका है, बल्कि मादक पदार्थों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को एक गंभीर झटका भी दिया है।




