
मुंबई। मुंबई पुलिस के एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने 5 अगस्त को कॉटन ग्रीन इलाके से 5 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 4 पिस्तौल और 51 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। शुरुआती पेशी में कोर्ट ने इन्हें पुलिस कस्टडी में भेजा था। 8 अगस्त को किला कोर्ट में दोबारा पेशी के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस को शक है कि इनका संबंध किसी अंतर्राष्ट्रीय गैंग से हो सकता है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों के वकील अजय दुबे के अनुसार, पुलिस ने इनके पुराने मामलों, संपर्कों, सप्लाई चेन में शामिल होने और वारदात की योजना जैसे आधार पर रिमांड मांगी।
यह कार्रवाई पिछले साल एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ की बॉलीवुड समेत बड़ी हस्तियों पर निगाह मुंबई पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी किसके संपर्क में थे, क्या वे हथियार सप्लाई करने आए थे या किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, और इनका बॉस कौन है। ये ऐसे सवाल हैं जिसके बारे में मुंबई पुलिस अपनी जांच में पता लगाने का प्रयास कर रही है।




