
मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने एक चौंकाने वाली बरामदगी करते हुए थाईलैंड से लौटे एक यात्री के चेक-इन बैग से 48 अत्यंत जहरीले सांप और 5 कछुए जब्त किए। यह कार्रवाई 1 मई रात के समय नियमित जांच के दौरान की गई। यात्री बैंकॉक से उड़ान भरकर भारत लौटा था। जांच के दौरान उसके बैग में दुर्लभ और खतरनाक प्रजातियों के सरीसृप पाए गए, जिससे सुरक्षा बलों में भी हलचल मच गई। जब्त किए गए सरीसृपों में एक स्पाइडर-टेल्ड हॉर्नड वाइपर, एक इंडोनेशियाई पिट वाइपर और एक एशियाई लीफ टर्टल शामिल हैं। ये सभी जानवर भारत में प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इनका आयात पूरी तरह अवैध है। सूत्रों के अनुसार, इन जीवों को यात्री ने अपने बैग में सावधानीपूर्वक छिपाकर लाने का प्रयास किया था, लेकिन कस्टम अधिकारियों की सतर्कता के चलते योजना नाकाम हो गई। बरामद जीवों की पहचान और सुरक्षित प्रबंधन के लिए रेस्क्विंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर (RAW) की विशेष टीम को बुलाया गया, जिन्होंने प्रजातियों की पुष्टि की और इनके स्वास्थ्य की जांच की। कस्टम विभाग ने कहा कि जब्त किए गए सभी सरीसृपों को अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण संधियों और भारतीय वन्यजीव अधिनियमों के अनुरूप उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। यात्री की पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है, लेकिन उसके खिलाफ वन्यजीव अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवंबर में भी बैंकॉक से लौटे दो यात्रियों को 12 विदेशी कछुए लाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऐसे मामलों से यह साफ है कि मुंबई एयरपोर्ट पर वन्यजीवों की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। सीमा शुल्क अधिकारियों ने जब्त जानवरों की तस्वीरें भी साझा की हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि वन्यजीवों की तस्करी किस हद तक पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के अपराधों की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचित करें ताकि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा की जा सके।





