
नांदेड, महाराष्ट्र। नांदेड, जिसे कभी शांत शहर माना जाता था, इन दिनों खौफ और असुरक्षा के साए में जी रहा है। पिछले 48 घंटों में हुई 5 हत्याओं ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। ताज़ा घटना ने तो लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए, जहां बीच सड़क पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपनी जान बचाने के लिए बदहवास हालत में भाग रहा था, लेकिन हमलावर लगातार उसका पीछा करते रहे। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद आरोपियों ने उसे सरेआम सड़क पर पकड़ लिया और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। यह पूरी वारदात दिनदहाड़े हुई और आसपास मौजूद लोग डर के मारे तमाशबीन बने रहे। पिछले दो दिनों में सामने आई अन्य घटनाओं को देखें, तो स्पष्ट होता है कि ये महज अलग-अलग अपराध नहीं, बल्कि शहर में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति का संकेत हैं। आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई और सुनियोजित हमलों के चलते कुल 5 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है। दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातें इस बात का संकेत देती हैं कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। महाराष्ट्र पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने की बात कही है और जांच जारी है। हालांकि, आम जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग सख्त कार्रवाई, बढ़ी हुई पुलिस गश्त और त्वरित न्याय की मांग कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस बढ़ती हिंसा पर समय रहते काबू पा पाएगा, या फिर नांदेड में यह ‘48 घंटे का आतंक’ आगे भी जारी रहेगा।




