Saturday, March 14, 2026
Google search engine
HomeMaharashtra300 करोड़ की डिजिटल निवेश धोखाधड़ी: ईडी ने दो आरोपियों को किया...

300 करोड़ की डिजिटल निवेश धोखाधड़ी: ईडी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात और महाराष्ट्र में डिजिटल निवेश योजनाओं के जरिए करीब 300 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुधीर कोटड़िया (33) और उसके चचेरे भाई उमंग कोटड़िया (27) के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 20 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला वर्तक नगर पुलिस स्टेशन, ठाणे में दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसे बाद में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडबल्यू) को सौंप दिया गया।
कई कंपनियों के जरिए चलाई गई डिजिटल निवेश योजना
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों ने क्यूफॉन ऐप लिमिटेड, क्यूफॉन कनेक्ट इंडिया एलएलपी, क्यूफोन एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, और क्यूफोन अजोबमैन इंडिया एलएलपी सहित कई संस्थाओं और उनसे जुड़ी फर्मों के माध्यम से बड़े पैमाने पर डिजिटल निवेश योजना चलाई। ईडी के वकील अरविंद अघाव ने अदालत में बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिसके कारण उनके खिलाफ ‘लुक-आउट सर्कुलर’ जारी किया गया था। आरोप है कि दोनों आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दुबई भाग गए थे और बाद में नेपाल के रास्ते भारत लौटे। इसके बाद उन्हें गुजरात में ढूंढकर गिरफ्तार किया गया।
निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लोगों को हर महीने 2 प्रतिशत से 10.5 प्रतिशत तक रिटर्न देने का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें बताया गया कि यह कमाई ऑनलाइन विज्ञापन देखने और ऐप-आधारित डिजिटल गतिविधियों के जरिए होगी। जांचकर्ताओं का कहना है कि नए निवेशकों से मिले पैसों का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जाता था, जबकि बड़ी राशि का कथित रूप से गबन किया गया। एक निवेशक, जिसने लगभग 183 करोड़ रुपये का निवेश किया था, ने करीब 60 कंपनियों, संस्थाओं और व्यक्तियों के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि इन सभी के बैंक खातों का इस्तेमाल आरोपियों के निर्देश पर करीब 55 करोड़ रुपये जमा करने के लिए किया गया था। ईडी का दावा है कि इस ऐप-आधारित पोंजी स्कीम का मुख्य सरगना सुधीर कोटड़िया था। क्यूफॉन ऐप लिमिटेड में उसके 25 प्रतिशत शेयर थे, जबकि 25 प्रतिशत शेयर उसकी पत्नी रंजनबेन कोटड़िया के पास थे और बाकी शेयर परिवार के अन्य सदस्यों के पास थे। जांच एजेंसी के अनुसार उमंग कोटड़िया इस पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। वह क्यूफॉन समूह की कई संस्थाओं में निदेशक या साझेदार के रूप में कार्यरत था और इस योजना से जुड़े कई बैंक खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी था। फिलहाल ईडी इस मामले में मनी ट्रेल और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments