
मुंबई। मुंबई के निर्मलनगर पुलिस थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में खार पूर्व परिसर में रहने वाले आरोपी मनुवर उर्फ गणू मलिक (उम्र 52 वर्ष) ने 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी और घर में कोई मौजूद नहीं था। घटना के बाद पीड़िता ने अपनी मां को पूरी जानकारी दी। मां की शिकायत पर निर्मलनगर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ-साथ बाल लैंगिक अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसके परिजन, गवाहों और जांच अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।




