
मुंबई। प्रसिद्ध आहार विशेषज्ञ रुजुता दिवेकर ने मंत्रालय में आयोजित ‘टेक-वारी’ कार्यक्रम में ‘स्वस्थ जीवनशैली’ विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल किसी डाइट ट्रेंड पर निर्भर नहीं करता, बल्कि हमारे रोजमर्रा के आहार पर टिका होता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि असली आहार वही है जो हम प्रतिदिन खाते हैं, और उसमें पोषक तत्वों का संतुलित संयोजन अत्यंत आवश्यक है।
रुजुता ने कहा कि घर में बना पारंपरिक खाना- जो प्राकृतिक, पचने में आसान और पोषक होता है। स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त होता है। आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में स्वास्थ्य की अनदेखी के कारण अनेक शारीरिक व मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं, जिन्हें संतुलित व प्राकृतिक आहार से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सलाह दी कि आहार में मौसमी फल, हरी सब्जियां, घर का ताजा भोजन, और उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन शामिल करना चाहिए। साथ ही, भोजन का समय और मात्रा भी तय होनी चाहिए ताकि लंबे समय तक शरीर स्वस्थ रह सके। रुजुता ने दैनिक जीवन में सक्रिय रहने की महत्ता पर भी बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन व्यायाम करें, पैदल चलने की आदत डालें, और लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें। मोबाइल और टीवी स्क्रीन पर बिताया गया समय घटाना भी जरूरी है ताकि शरीर निष्क्रिय न हो। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय, मौसमी और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपनाने की सिफारिश की और कहा कि पैकेज्ड व प्रोसेस्ड फूड से जितना दूर रहें, उतना बेहतर है। यह संदेश उन्होंने सभी उम्र के लोगों की पोषण और स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दिया।




