
मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई पूर्व में स्थित गहरवार फार्मा प्रोडक्ट्स प्रा. लिमिटेड पर बुधवार को महाराष्ट्र खाद्य व औषध प्रशासन (एफडीए) औषध विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। इस छापेमारी में विभाग ने 1 करोड़ 41 लाख रुपये की दवाएं और उनके निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री, लेबल आदि जब्त किए हैं।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी जारी था उत्पादन
गहरवार फार्मा प्रोडक्ट्स प्रा. लिमिटेड ने हरियाणा में आयुर्वेदिक दवा के उत्पादन के लिए लाइसेंस प्राप्त किया था, जो 14 मई 2024 को रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद कंपनी वसई में उसी लाइसेंस का हवाला देते हुए दवाओं का निर्माण कर रही थी। इसके अलावा, हरियाणा में ली गई लाइसेंस के तहत निर्मित दवाओं को जालंधर में ओंकार फार्मा के जरिए बेचा जा रहा था, लेकिन वास्तविक उत्पादन वसई में हो रहा था। एफडीए के खुफिया विभाग को मिली सूचना के आधार पर उक्त निर्माता पर छापेमारी की गई। इस छापे में प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त कंपनी को हरियाणा के पंचकुला में आयुर्वेदिक दवा बनाने का लाइसेंस दिया गया था, लेकिन कंपनी वहां दाव निर्माण कर रही थी, जहां के लिए लाइसेंस नहीं था।
जांच और कानूनी कार्रवाई
इस छापेमारी में पालघर खाद्य एवं औषधि प्रशासन औषधि निरीक्षक योगेन्द्र पोल, नितिन अहेर और ठाणे औषधि निरीक्षक कैलाश खापेकर द्वारा दवाइयां जब्त की गईं। इस कार्रवाई में ठाणे कार्यालय के सहायक आयुक्त प्रकाश म्हनवार, मुकुंद डोंगलीकर, दीपक मालपुरे, रोहित राठौड़, पालघर कार्यालय के सहायक आयुक्त महेश गाडेकर, उमेश घरोटे और पालघर, ठाणे और बृहन्मुंबई डिवीजन के ड्रग इंस्पेक्टर किशोर राजने, शुभांगी भुजबल, नितिन अहेर, राकेश एडलावर, योगेन्द्र पोल, प्रवीण राऊत, पूनम सालगांवकर, राजश्री शिंदे, सुनील गवली, प्रेमदास साखरे और कैलाश खापेकर ने भाग लिया। उक्त कार्यवाही एफडीए आयुक्त अभिमन्यु काले, संयुक्त आयुक्त (सतर्कता) डाॅ. राहुल खाड़े, संयुक्त आयुक्त (कोकण मंडल) नरेंद्र सुपे, संयुक्त आयुक्त (मुंबई) विजय जाधव के मार्गदर्शन की गई।