
सोनभद्र, उत्तर प्रदेश। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ सोनभद्र पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की। इस अवैध धंधे के मुख्य आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल की करोड़ों रुपये की अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सोनभद्र पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम वाराणसी में आरोपी की करीब 28 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का आदेश 22 जनवरी को न्यायालय द्वारा पारित किया गया था। उसी के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल वाराणसी का निवासी है और लंबे समय से कोडीन युक्त सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। सोनभद्र पुलिस ने इससे पहले मुख्य आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल को पश्चिम बंगाल के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह विदेश भागने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते उसे समय रहते दबोच लिया गया। इस गिरफ्तारी को पुलिस ने पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया था। इस पूरे मामले पर सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जिले में दर्ज एफआईआर में भोला प्रसाद जायसवाल को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। जांच के दौरान यह सामने आया कि उसने कफ सिरप के अवैध कारोबार के जरिए भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की है। अब तक की जांच में करीब 28 करोड़ 50 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति के अवैध रूप से अर्जित होने की पुष्टि हुई है, जिसे कुर्क किया जा रहा है। एसपी अभिषेक वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यदि आगे और भी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का पता चलता है, तो उन पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संपत्ति कुर्की से न केवल अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ी जाएगी, बल्कि दूसरों के लिए भी यह एक कड़ा संदेश साबित होगा।




