Saturday, March 21, 2026
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संजय गांधी नेशनल पार्क में अतिक्रमण हटाने के विरोध में बवाल, वन अधिकारियों पर पथराव

सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, 25–30 लोगों पर केस दर्ज

मुंबई। बोरीवली ईस्ट स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क में अतिक्रमण हटाने को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारियों पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक सरकारी वाहन की खिड़कियां टूट गईं। 26 जनवरी को कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत 25 से 30 पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता मंगेश शिंदे (51) संजय गांधी नेशनल पार्क, बोरीवली ईस्ट में तैनात वन रक्षक हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल पार्क क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है, जिसके तहत प्रभावित इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था।
इसी क्रम में 26 जनवरी 2026 को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जितेंद्र रामगांवकर, निदेशक (दक्षिण) अनीता पाटिल, उप निदेशक किरण पाटिल, सहायक वन संरक्षक सुधीर सोनावणे सहित लगभग 40 अधिकारी और कर्मचारी नवापाड़ा, चिंचपाड़ा, डमपाड़ा, केलडीपाड़ा और तुमनीपाड़ा में लाउडस्पीकर के माध्यम से शांतिपूर्ण जागरूकता अभियान चला रहे थे। दोपहर करीब 3:15 बजे नवापाड़ा में अभियान के दूसरे सत्र के दौरान स्थिति बिगड़ गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और “हम अपने घर खाली नहीं करेंगे” जैसे नारे लगाने लगे। जब अधिकारी हाई कोर्ट के निर्देशों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। बताया गया कि जब वन अधिकारी सरकारी वाहन से इलाके से निकलने लगे तो भीड़ ने उनका पीछा किया और पत्थर फेंककर वाहन की खिड़कियां तोड़ दीं। घटना के बाद मंगेश शिंदे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2025 को हाई कोर्ट ने जनहित याचिका और अवमानना याचिका के तहत उन परिवारों को हटाने के निर्देश दिए थे, जिन्हें पहले चांदीवली में पुनर्वास का लाभ मिलने के बावजूद संजय गांधी नेशनल पार्क की जमीन पर अतिक्रमण करते पाया गया था। इसी आदेश के तहत कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले आठ गांवों के 71 घरों से 27 जनवरी 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। सभी संबंधित परिवारों को सार्वजनिक और व्यक्तिगत नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

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